About Spring Season In Hindi | वसंत ऋतू पर निबंध

About Spring Season In Hindi : दोस्तों यहाँ बसंत ऋतू के बारे में एक निबंध दूंगा जो आपके किसी भी कक्षा में लिखने के लिए उपयुक्त रहेगा। बसंत ऋतू सर्दी के मौसम के बाद का और ग्रीष्म ऋतू के पहले का  समय है।

सर्दी के ठण्ड के बाद मौसम में एक गर्माहट की महसूस आती है। भूगोल के अनुसार वसंत ऋतू में दिन और रात लगभग समान होता है। यानि की दिन 12 घंटे और रात भी 12 घंटे। चलिए पढ़ते है वसंत ऋतू पर निबंध और जान लेते है कुछ अनजानी बातें इस समयकाल के बारे मे।

About Spring Season In Hindi

निचे आपको essay on spring season in Hindi दिया गया है, ये सभी बोर्ड के सभी बच्चो के लिए लिखा गया है।

वसंत ऋतू पृथ्वी के उत्तरी दिशा में मार्च महीने के 20 ये 21 तारीख से जून महीने के 21 या 22 तारीख तक रहता है। और पृथ्वी के दक्षिणी भाग में ये सितम्बर से दिसंबर के बीच में पढता है।

इन दिनों में तापमान की नमी आती है इसीलिए वसंत के मौसम में ना तो ज्यादा गर्मी लगती है और ना ज्यादा सर्दी। इसलिए वसंत ऋतू को भारत में ऋतुओं का राजा भी कहा जाता है।

भारतीय केलिन्डर में चैत्र और बैशाख की माह में वसंत ऋतू आता है। वसंत ऋतू को नयी चेतना और नयी जन्म का संकेत माना जाता है। इस समय पेड़ पौधों पर नयी फूलों का समाहार और नयी पत्ते उगते है।

वसंत ऋतू का आगमन

पुनर्जन्म का ये समय खेती करने वालो के चेहरे में भी मुस्काहट लाती है। वसंत ऋतू सिर्फ तीन महीने रहती है, पर इस तीन महीने में ये अपना निशाँ चूड जाता है। वसंत ऋतू का आगमन को पृथ्वी के दो भाग यानि दो गोलार्ध में अलग अलग समय में दर्शाया गया।

उत्तर गोलार्ध में ये मार्च, अप्रैल (भारतीय पंचांग में चैत्र- बैशाख) और दक्षिण गोलार्ध में सितम्बर, दिसंबर तक चलती है। वसंत ऋतू के आगमन से पेड़ और पौधों में एक जान आती है। इसलिए वसंत ऋतू को नबीनीकरण का समय कहा जाता है।

सिर्फ पेड़ ही नहीं पशु पक्षियों के जीबन में भी ये नयी प्राण का संचार करता है। लेकिन ये परिवर्तन दुनिया के अलग देशो में अलग तरह से नजर आता है। सर्दी की ठण्ड के बाद मौश्य और पुरे प्राणी जगत को रहत मिलती है वसंत ऋतू के आने से।

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वसंत ऋतू का महत्व

चारो तरफ फूल के खुशबु से भरा हुआ मौसम माहौल बदल देता है। वैसे वसंत ऋतू का हमारे जीबन में और परिबेश में बहुत महत्व है। मार्च माह आते ही चारो तरफ बस एक ही बात सुनाई देती है, बसंत आ रहा है।

  • वसंत ऋतू बायु में बहुत सारा धुप लेकर आता है। जिसके चलते हुए ठण्ड के मौसम के बाद सब की आत्मा को एक मुस्कराहट सी मिलती है। ज्यादातर इस समय सूर्य को चमकते हुए नहीं देखा जाता, पर मौसम थोड़ा सा गरम होता है।
  • इस ऋतू के सबसे बड़ा महत्वा एहि है की ये मौसम दो बड़ी ऋतू के बीच में आती है। इसीलिए चिलचिलाती गर्मी भी महसूस नहीं होती, और कम्पटी हुई ठण्ड भी महसूस नहीं होती। इस मौसम में सभी सुन्दर शामें गुजर सकते है।
  • वसंत ऋतू में दिन थोड़ा बढ़ जाता है और रात का समय घट जाता है। इसीलिए इंसान को काम करने के लिए ज्यादा समय मिलता है। इंसान की उत्पादकता में बहुत सुधार आता है।
  • ये फूल और ताज़ा हवा की ऋतू है। इससे इनसान की ऊर्जा बढ़ती है। मूड को भी हल्का रखता है।

वसंत ऋतू में रोग का अबिर्भाव

ऋतुओं का राजा वसंत में पेड़ पौधे अपनी पुराणी पत्तो को फेक कर नयी पत्तो को जनम देता है। चारो तरफ चमकती हुई हरियाली दिखाई देती है। पर एक कहावत है, हर चमकती हुई चीज़ सोना नहीं होता।

वैसे ही वसंत ऋतू में कई सारे रोग अबिर्भाव भी हो जाता है। इस ऋतू का एहि सिर्फ एक कमी है।

चिकित्सा विज्ञानं के अनुसार पत्तो का झरना मनुस्य में बहुत सारी समस्या खड़ी करती है। उसमे से एक है एलर्जी। इस समय नयी फूलो का परागकण बायु में उड़के मनुस्य के आंख, नाक के जरिये फेफड़े तक पहुंच जाता है। और एहि एलर्जी होने का मूल कारन है। इसलिए जब तेज़ हवा वाले दिन में मुँह पर कपडे बंध के बहार निकालना चाहिए।

वसंत ऋतू में राइनो वायरस नमक एक वायरस का फेल जाना साधारण सी बात है। ज्यादातर सर्दिओ में सामान्य जुकाम ज्यादा होता है, पर वसंत ऋतू में राइनो वायरस के कारन जुकाम बहुत ज्यादा होता है।

सर्दियों के बाद जब वसंत का आगमन होता है तब शरीर में उपापचय की मात्रा बढ़ जाती है। पेट में हाइड्रोक्लोरिक एसिड की मात्रा भी बढ़ जाता है। इसीलिए बिज्ञान के अनुसार वसंत ऋतू में ही सबसे ज्यादा अलसर यानि व्रण रोग दिखाई जाती है।

वसंत ऋतू के समय भारत में मनाई जाने वाले त्यौहार

फेब्रुअरी के ख़तम होते ही वसंत ऋतू का शुरवात होता है और ये अप्रैल महीने तक चलता है। इस दो महीने भारत में बहुत सारी आनंद की त्यौहार मनाई जाती है। वैसे वसंत ऋतू को आनंद लेने वाली ऋतू ही कहा जाता है। चलिए जान लेते है कुछ प्रसिद्ध त्यौहार के बारे में।

इस समय की सबसे बड़ी त्योहारों में से एक है वसंत पंचमी। ये पंचमी के दिन माता सरस्वती की पूजा की जाती है। माता सरस्वती बिद्या के देवी है। सिलीए सभी विद्यार्थी पंचमी के दिन उपवास करके पुष्पांजलि दे कर माता से आशीर्वाद लेते है।

दूसरी सबसे प्रसिद्ध त्यौहार है होली। ुए रंगो का त्यौहार है। सभी दोस्त, भाई बहन मिलके पिचकारी से एक दूसरे को रंग लगाते है। होली सिर्फ भारत में ही नहीं, ये भारत के बहार भी मनाया जाता है ।

इसके अलावा कुछ त्यौहार का नाम है :

  • उद्यानोत्सव
  • खजुराहो नृत्य फेस्टिवल
  • गोवा कार्निवाल
  • शिगमो
  • मोको फेस्टिवल
  • गुड़ी पड़वा
  • उगाड़ी

वसंत ऋतू में पाए जाने वाले फूल

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पेड़ पौधों को अलग ऊर्जा और जान प्रदान करने वाली ऋतू है वसंत। हर एक पेड़ पर नए पत्तो और फूलों का समाहार चारो तरफ की बातावरण में ही परिवर्तन ला देते है। वसंत ऋतू में उगने वाली कुछ फूलों का नाम है:

  • गेरबेरा डेज़ी
  • टूलिप
  • गुलाव
  • लिली
  • मंगोलीअ
  • कमेलिए

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वसंत ऋतू में पाए जाने वाले फल

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वसंत ऋतू में हमारे भारत में बहुत फल पाए जाते है। उसमे से कई सारे ऐसे भी है जो साल भर खेती होता है, पर इसको वसंत ऋतू का ही फल माना जाता है। इस ऋतू में पाए जाने वाले कुछ फलो का नाम है

  • चेरी
  • कटहल
  • अनानास
  • स्ट्रॉबेरी
  • लीची
  • आलूबुखरा
  • अनार

All Fruits Name In Hindi And English | Fruits Name Chart

वसंत ऋतू में पाए जाने वाले सब्जिया

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सर्दी के असहनीय ठण्ड के बाद किसानो के चेहरे पे मुस्कराहट लाता है वसंत ऋतू। इस मौसम में किसान बहुत सारी सब्जियों का खेती करते है। इस समय सब्जियों का भाव भी ठीक थक रहता है। फेब्रुअरी से अप्रैल महीने में खेती करने वाले कुछ सब्जियों का नाम है 

  • मटर
  • खीरा
  • कद्दू
  • आलू
  • टमाटर
  • पलक
  • धनिया
  • हरी प्याज
  • बेंगन
  • गोभी
  • मिर्ची

निष्कर्ष

दोस्तों ये रहा आपके लिए About Spring Season In Hindi | वसंत ऋतू पर निबंध (spring season essay in हिंदी)। मुझे उम्मीद है आपको ये बेहतर लगा। अगर कुछ तथ्य मैंने यहाँ नहीं लिखा तो कृपया निचे टिपण्णी दे। मैं जरूर उसको अपडेट करने की कोशिश करूँगा।

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